20/ನಿಮಿಷ
155/ನಿಮಿಷ
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आखिर क्यों तोड़ा मेरा भरोसा मेरा विश्वास
live ayo
एक हां के इंतजार में रात यूहीं गुज़र जाएगी अब तो उलझन है साथ मेरे नींद कहा आयेगी । सुबह की किरण ना जाने क्या संदेश लायेगी या हमारी प्यास अधूरी रह जाएगी ।।
लोग कहते हे कि तक़दीर तो भगवान लिखते हे हम तो आपके भरोसे पर बैठे हे लिख दो जो लिखना हो । 🚩
mam aap ke saboot ke liye thanks 🙏🌹
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् || 🚩🚩